बिहार SMAM योजना 2025–26 | 31 जनवरी तक आवेदन | कृषि यंत्र अनुदान
भारत में कृषि और पशुपालन को ग्रामीण विकास का प्रमुख आधार माना जाता है। बिहार सरकार भी इस दिशा में लगातार नयी योजनाएं चला रही है, जिससे किसान और ग्रामीण युवा आत्मनिर्भर बन सकें। इसी क्रम में लेयर पोल्ट्री फार्मिंग (Layer Poultry Farming) को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने 2025 में एक आकर्षक सब्सिडी योजना की शुरुआत की है।
लेयर पोल्ट्री फार्मिंग का मतलब है अंडा उत्पादन के लिए मुर्गियों का पालन। यह व्यवसाय कम लागत और अधिक मुनाफा देने वाला है, और अब बिहार सरकार इस पर सब्सिडी (अनुदान) भी दे रही है, जिससे युवा और किसान इस व्यवसाय में आसानी से कदम रख सकें।
इस लेख में हम आपको बताएंगे:
लेयर पोल्ट्री फार्मिंग योजना क्या है?
सब्सिडी की राशि कितनी मिलेगी?
कौन कर सकता है आवेदन?
कितनी ज़मीन की ज़रूरत होगी?
किन दस्तावेजों की ज़रूरत है?
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
योजना के मुख्य लाभ
लेयर पोल्ट्री फार्मिंग योजना बिहार सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में अंडा उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत इच्छुक किसान, युवा, महिलाएं, SHG (Self Help Groups), FPOs (Farmer Producer Organizations) और किसान समितियों को 50% तक की सब्सिडी दी जाती है, ताकि वे लेयर मुर्गी पालन व्यवसाय शुरू कर सकें।
इस योजना के अंतर्गत:
पोल्ट्री शेड बनाने में अनुदान
मुर्गियों की खरीद, चारा, उपकरण आदि पर सब्सिडी
बैंक ऋण की सुविधा
तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण
ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना
अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना
पोषण स्तर सुधारना
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना
बेरोजगारी को कम करना
लेयर पोल्ट्री फार्मिंग योजना के तहत सब्सिडी की राशि निम्नलिखित है:
| फार्म की क्षमता (मुर्गियों की संख्या) | कुल लागत (अनुमानित) | सरकारी सब्सिडी (50%) |
|---|---|---|
| 5,000 लेयर हेंस | ₹18 लाख – ₹20 लाख | ₹9 लाख – ₹10 लाख |
| 10,000 लेयर हेंस | ₹35 लाख – ₹38 लाख | ₹17.5 लाख – ₹19 लाख |
| 20,000 लेयर हेंस | ₹70 लाख – ₹75 लाख | ₹35 लाख – ₹37.5 लाख |
इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित पात्रताएं अनिवार्य हैं:
बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
आवेदक के पास स्वयं की जमीन होनी चाहिए या वैध किरायानामा।
न्यूनतम 10वीं पास होना आवश्यक है (कुछ मामलों में 8वीं भी मान्य हो सकती है)।
आवेदक को कोई अन्य सरकारी नौकरी नहीं करनी चाहिए।
पोल्ट्री पालन का अनुभव (यदि है) तो प्राथमिकता दी जाती है।
महिला, SC/ST, और युवा उद्यमियों को वरीयता मिलेगी।
यदि समूह (SHG/FPO) आवेदन कर रहा है तो समूह का पंजीकरण होना अनिवार्य है।
आधार कार्ड (Aadhar Card)
स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
जमीन के कागजात या लीज एग्रीमेंट
बैंक पासबुक की कॉपी
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोटो
बिजनेस प्लान / DPR (Detailed Project Report)
स्वयं का शपथ पत्र
सामाजिक समूह प्रमाण पत्र (यदि SHG या FPO है)
लेयर पोल्ट्री फार्मिंग के लिए ज़मीन की आवश्यकता फार्म के आकार पर निर्भर करती है। सामान्यत: मानक यह है:
| मुर्गियों की संख्या | आवश्यक जमीन (लगभग) |
|---|---|
| 5,000 हेंस | 0.5 – 0.75 एकड़ |
| 10,000 हेंस | 1 – 1.25 एकड़ |
| 20,000 हेंस | 2 – 2.5 एकड़ |
अन्य बातें:
ज़मीन खेत या गांव क्षेत्र में होनी चाहिए।
पानी की सुविधा होना अनिवार्य है।
बिजली कनेक्शन और शेड निर्माण हेतु जगह उपयुक्त हो।
बिहार सरकार ने इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रणाली शुरू की है।
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:
https://poultry2026.dreamline.in/
अधिक जानकारी के लिए PDF Download करे
‘पोल्ट्री सब्सिडी योजना’ सेक्शन में जाएं
‘ऑनलाइन आवेदन करें’ लिंक पर क्लिक करें
एक नया फॉर्म खुलेगा, जिसमें व्यक्तिगत विवरण, ज़मीन विवरण, बिजनेस प्लान आदि भरना होगा।
सभी दस्तावेज़ अपलोड करें (PDF/JPG फॉर्मेट में)
अंतिम रूप से ‘Submit’ पर क्लिक करें
आवेदन का Acknowledgement Number नोट कर लें।
भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंट आउट/डाउनलोड कर लें।
DPR (Detailed Project Report) एक ऐसा दस्तावेज होता है जिसमें आप अपने व्यवसाय की पूरी योजना को विस्तार से प्रस्तुत करते हैं। इसमें शामिल होते हैं:
कुल निवेश
खर्चों का विवरण
अंडा उत्पादन अनुमान
लाभ-हानि का विश्लेषण
मार्केटिंग योजना
मानव संसाधन
समयरेखा
सरकार द्वारा सब्सिडी देने से पहले आपकी DPR की समीक्षा की जाती है। अतः इसे पेशेवर रूप से तैयार करना महत्वपूर्ण है।
यदि आपके पास पूंजी की कमी है, तो सरकार द्वारा नामित बैंकों से आपको ऋण दिलाने में सहायता की जाती है। इसके लिए:
DPR के साथ आवेदन बैंक में जमा करें
ज़मीन के दस्तावेज़ और आवेदन फार्म बैंक को दें
बैंक द्वारा निरीक्षण के बाद लोन स्वीकृत किया जाता है
सब्सिडी की राशि प्रोजेक्ट पूरा होने पर सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है
यदि आवेदन प्रक्रिया में किसी भी तरह की समस्या आती है, तो आप नीचे दिए गए हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं:
कार्यालय का पता:
पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग,
बिहार सरकार, पटना - 800015
✅ 50-60% सब्सिडी से लागत में भारी बचत
✅ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर
✅ पोषण स्तर में सुधार – “हर थाली में अंडा”
✅ ग्रामीण युवाओं को स्थायी आय स्रोत
✅ महिला SHGs को प्रोत्साहन
✅ सरकारी प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता
बिहार की लेयर पोल्ट्री फार्मिंग सब्सिडी योजना 2025 न सिर्फ अंडा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत माध्यम भी बन रही है। यदि आप भी अपने गांव या क्षेत्र में अपना पोल्ट्री फार्म खोलना चाहते हैं तो यह योजना आपके लिए सुनहरा अवसर है।
सरकारी सब्सिडी, तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता – तीनों एक साथ उपलब्ध हैं। आपको सिर्फ इच्छाशक्ति और सही योजना बनानी है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें