बिहार SMAM योजना 2025–26 | 31 जनवरी तक आवेदन | कृषि यंत्र अनुदान
भारत सरकार और राज्य सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार योजनाएँ चलाती रही हैं। बिहार राज्य में जीविका (JEEViKA) कार्यक्रम एक बहुत ही सफल और चर्चित योजना है। यह योजना स्वयं सहायता समूह (Self Help Group – SHG) के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाती है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे:
जीविका समूह क्या है?
जीविका समूह में नाम कैसे जोड़े?
जीविका समूह में नाम जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेज़।
जीविका समूह में जुड़ने के फायदे।
जीविका महिला को मिलने वाली सरकारी सहायता।
अपना नाम कैसे देखें कि आप किसी जीविका समूह में हैं या नहीं?
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से नाम चेक करने की प्रक्रिया।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)।
जीविका (JEEViKA) बिहार ग्रामीण आजीविका मिशन (Bihar Rural Livelihoods Mission – BRLM) का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य है –
गरीब और वंचित महिलाओं को संगठित करना।
उन्हें स्वयं सहायता समूह (SHG) से जोड़ना।
नियमित बचत करने और छोटे-छोटे लोन की सुविधा देना।
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना।
सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं तक आसान पहुँच दिलाना।
हर गाँव/टोला में 10 से 15 महिलाओं का एक स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाया जाता है। यही समूह “जीविका समूह” कहलाता है।
अब हम Step-by-Step प्रक्रिया समझते हैं कि कोई महिला या परिवार जीविका समूह का हिस्सा कैसे बन सकता है।
सबसे पहले अपने गाँव या वार्ड की उस महिला से संपर्क करें जो पहले से जीविका समूह से जुड़ी हो।
वे आपको समूह की जानकारी और सदस्यता की शर्तें बताएँगी।
हर नया सदस्य तभी जुड़ सकता है जब समूह की बाकी सदस्य सहमति दें।
आमतौर पर यह निर्णय समूह की साप्ताहिक बैठक में लिया जाता है।
जीविका समूह में नाम जोड़ने के लिए निम्न दस्तावेज़ चाहिए:
आधार कार्ड (पहचान के लिए)
राशन कार्ड (गरीबी रेखा से ऊपर/नीचे की पहचान के लिए)
वोटर आईडी / पैन कार्ड (सत्यापन के लिए)
बैंक खाता नंबर और पासबुक (यदि बैंक खाता नहीं है तो जीविका दीदी की मदद से खुलवाया जा सकता है)
पासपोर्ट साइज फोटो
हर सदस्य को समूह की तय राशि के अनुसार मासिक बचत करनी होती है।
यह राशि ₹10, ₹20, ₹50 या उससे अधिक भी हो सकती है, जो समूह तय करता है।
आपका नाम समूह की रजिस्टर बुक में दर्ज किया जाएगा।
आपकी उपस्थिति और बचत का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है।
समूह का विवरण पंचायत या जीविका संघ तक भेजा जाता है।
वहाँ से आपका नाम आधिकारिक रूप से स्वीकृत किया जाता है।
👉 इस तरह आप जीविका समूह की सदस्य बन जाती हैं और समूह की गतिविधियों (बचत, ऋण, प्रशिक्षण, रोजगार आदि) में हिस्सा ले सकती हैं।
नियमित बचत की आदत – छोटी-छोटी राशि बचाकर बड़ा पूँजी फंड तैयार करना।
आसान लोन सुविधा – समूह से या बैंक से बिना गारंटी के छोटे ऋण।
आर्थिक आत्मनिर्भरता – स्वरोजगार (पशुपालन, कृषि, सिलाई, दुकान आदि)।
सरकारी योजनाओं का लाभ – मनरेगा, उज्ज्वला, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि तक पहुँच।
समूहिक निर्णय शक्ति – महिलाओं को सामाजिक सम्मान और नेतृत्व का अवसर।
प्रशिक्षण और रोजगार – जीविका द्वारा दिए जाने वाले ट्रेनिंग से नई-नई स्किल सीखना।
बिहार सरकार ने जीविका समूह की महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई पहल की है। इसके अंतर्गत प्रत्येक जीविका दीदी को 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य है:
महिलाओं को छोटा व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू करने में मदद करना।
समूह की पूँजी को बढ़ाना।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाना।
लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो पंजीकृत जीविका समूह की सदस्य हैं।
बैंक खाते में सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से राशि भेजी जाएगी।
यह सहायता राशि व्यवसायिक गतिविधियों (जैसे पशुपालन, किराना दुकान, कृषि कार्य, हस्तकला आदि) में उपयोग की जाएगी।
👉 इसलिए यदि आप जीविका समूह में अपना नाम जोड़ती हैं तो भविष्य में सरकार द्वारा दी जाने वाली ऐसी योजनाओं और लाभों का भी फायदा उठा सकती हैं।
कई बार लोग यह जानना चाहते हैं कि उनका नाम जीविका समूह में दर्ज है या नहीं। इसके लिए दो तरीके हैं – ऑनलाइन और ऑफलाइन।
अपने गाँव/टोला के जीविका समूह की रजिस्टर बुक देखें।
समूह की साप्ताहिक बैठक में जाकर पूछें।
पंचायत स्तर के सामुदायिक समन्वयक (CC) या बीआरपी (Block Resource Person) से संपर्क करें।
बिहार ग्रामीण आजीविका मिशन (BRLM) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
वहाँ “SHG Member List / Jeevika Member List” का विकल्प मिलता है।
जिला, प्रखंड, पंचायत और गाँव का नाम चुनकर आप समूह की सूची देख सकते हैं।
सूची में अपना नाम खोजें।
👉 भविष्य में जीविका की मोबाइल ऐप भी उपलब्ध होगी, जिसमें आसानी से सदस्यता चेक की जा सकेगी।
कई बार समूह पहले से भरा होता है, ऐसे में नया समूह बनाना पड़ता है।
सभी महिलाएँ तुरंत बैंकिंग सेवाओं को समझ नहीं पातीं।
शुरुआती चरण में मासिक बचत और बैठकें नियमित करना चुनौतीपूर्ण होता है।
लेकिन जीविका दीदी और पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं की मदद से ये चुनौतियाँ धीरे-धीरे आसान हो जाती हैं।
Q1. जीविका समूह में जुड़ने के लिए क्या जरूरी है?
Ans: जीविका समूह में जुड़ने के लिए आपको आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है। साथ ही समूह की सहमति भी जरूरी है।
Q2. क्या जीविका समूह में पुरुष भी जुड़ सकते हैं?
Ans: जीविका मुख्य रूप से महिलाओं के लिए है। पुरुष सीधे सदस्य नहीं बन सकते, लेकिन परिवार को अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
Q3. जीविका की महिलाओं को मिलने वाला 10,000 रुपये कब और कैसे मिलेगा?
Ans: यह राशि सरकार द्वारा पंजीकृत जीविका महिलाओं के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके लिए समूह में सक्रिय सदस्य होना जरूरी है।
Q4. क्या जीविका समूह से बैंक लोन मिल सकता है?
Ans: हाँ, जीविका समूह की मदद से बिना गारंटी के बैंक से लोन लिया जा सकता है।
Q5. अपना नाम जीविका समूह की लिस्ट में ऑनलाइन कैसे देखें?
Ans: आप BRLM (Bihar Rural Livelihood Mission) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जिला, प्रखंड और पंचायत चुनकर समूह सूची देख सकते हैं।
जीविका समूह (JEEViKA SHG) गरीब और वंचित परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। यदि आप जीविका समूह से जुड़ना चाहती हैं तो नज़दीकी जीविका दीदी या पंचायत के सामुदायिक समन्वयक से संपर्क करें। आवश्यक दस्तावेज़ और मासिक बचत जमा करके आप आसानी से सदस्य बन सकती हैं।
बिहार सरकार की नई पहल के तहत जीविका महिलाओं को ₹10,000 की सहायता राशि भी दी जा रही है, जो उनके रोजगार और व्यवसाय को बढ़ावा देगी।
यदि आपको यह जानना है कि आप किसी समूह का हिस्सा हैं या नहीं, तो आप समूह की रजिस्टर बुक, पंचायत कार्यालय या बिहार जीविका की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक कर सकती हैं।
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