MSME Growth Fund / SME सहायता योजना 2026: छोटे व्यवसायों को मिलेगा बड़ा फंड? जानें पूरी जानकारी
भारत जैसे कृषि-प्रधान देश में पशुपालन और मुर्गी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। ये न केवल किसानों की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनते हैं, बल्कि पोषण सुरक्षा और रोजगार के भी मजबूत माध्यम हैं। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने National Livestock Mission (NLM) की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य पशुधन और पोल्ट्री सेक्टर को प्रोत्साहित करना और इसमें शामिल छोटे-छोटे किसानों, उद्यमियों और SHGs को आर्थिक, तकनीकी और बुनियादी सहायता प्रदान करना है।
नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) भारत सरकार की पशुपालन और डेयरी विभाग (Department of Animal Husbandry & Dairying) द्वारा चलाई जा रही एक प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य है देश में पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, भेड़ पालन और अन्य पशुधन आधारित गतिविधियों को संगठित रूप से बढ़ावा देना।
इस योजना के अंतर्गत पोल्ट्री फॉर्मिंग, हैचरी यूनिट्स और स्मॉल स्केल लाइवस्टॉक यूनिट्स को पूंजी सब्सिडी (capital subsidy), प्रशिक्षण, वैक्सीनेशन और आधारभूत ढांचे (infrastructure) के विकास के लिए सहायता दी जाती है।
NLM के तहत पोल्ट्री (मुर्गी पालन), बटेर पालन, टर्की पालन और हैचरी यूनिट्स को शुरू करने के लिए सरकार 25% से 50% तक पूंजी सब्सिडी प्रदान करती है। यह सब्सिडी निम्नलिखित लाभार्थियों को दी जाती है:
महिलाएं
Scheduled Castes (SC), Scheduled Tribes (ST)
Self-Help Groups (SHGs)
Farmer Producer Organizations (FPOs)
Startups और Individual Entrepreneurs
उदाहरण: यदि कोई उद्यमी 10 लाख रुपये का पोल्ट्री फार्म शुरू करता है, तो उसे ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है, उसके वर्ग और पात्रता के आधार पर।
पोल्ट्री या हैचरी यूनिट शुरू करने से पहले या उसके दौरान तकनीकी जानकारी होना आवश्यक है। NLM के तहत सरकार विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करती है जिसमें निम्नलिखित विषय शामिल होते हैं:
चूजों की देखभाल
फीडिंग मैनेजमेंट
रोग प्रबंधन और वैक्सीनेशन
मार्केटिंग और बिक्री तकनीक
फाइनेंस और बिजनेस मॉडल
ये प्रशिक्षण आमतौर पर कृषि विश्वविद्यालयों, पशुपालन विभाग या विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा दिए जाते हैं।
मुर्गी पालन में बर्ड फ्लू, रानीखेत, IBH जैसी कई बीमारियां होती हैं, जिनसे मृत्यु दर बढ़ जाती है। NLM के तहत निम्नलिखित सहायता दी जाती है:
मुफ्त या रियायती दर पर टीकाकरण (Vaccination)
मोबाइल वेटरिनरी यूनिट्स (MVUs) द्वारा पशु स्वास्थ्य सेवाएं
समय-समय पर दवाइयों और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन
इससे न केवल उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि पशुओं की मृत्यु दर भी घटती है।
एक सफल पोल्ट्री या हैचरी यूनिट के लिए अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
शेड निर्माण (poultry shed)
वाटर सप्लाई और ड्रेनेज सिस्टम
ब्रूडर रूम (हेटिंग सुविधा के साथ)
अंडा संग्रहण और ग्रेडिंग यूनिट
वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम
NLM के तहत इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिलने वाली पूंजी सब्सिडी योजना को और अधिक टिकाऊ बनाती है।
कोई भी 18 वर्ष से अधिक आयु का भारतीय नागरिक
प्राथमिकता: महिलाएं, अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़े वर्ग, स्वयं सहायता समूह
किसी भी बैंक से फाइनेंस की पात्रता होनी चाहिए (बैंक लोन आवश्यक है)
एक अच्छा प्रोजेक्ट रिपोर्ट होना चाहिए, जिसमें लागत, लाभ, संचालन प्रक्रिया आदि का विवरण हो
राष्ट्रीय पशुधन मिशन की वेबसाइट पर जाएं
https://dahd.nic.in
या राज्य पशुपालन विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
यूज़र रजिस्ट्रेशन करें
नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर आदि से।
आवेदन फॉर्म भरें
व्यवसाय का प्रकार (पोल्ट्री, हैचरी आदि)
लागत और वित्तीय विवरण
आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें:
आधार कार्ड
भूमि दस्तावेज या लीज पेपर
बैंक लोन स्वीकृति पत्र
प्रोजेक्ट रिपोर्ट
जिला पशुपालन अधिकारी से संपर्क करें
कई मामलों में उनकी सिफारिश या निरीक्षण की जरूरत होती है।
अनुदान स्वीकृति और वितरण
योजना की जांच और स्वीकृति के बाद बैंक या विभाग द्वारा सब्सिडी दी जाती है।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| पूंजी सब्सिडी | 25%–50% तक की सब्सिडी |
| तकनीकी ज्ञान | मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम |
| बीमारियों से सुरक्षा | वैक्सीनेशन व हेल्थ कैंप |
| विपणन सहयोग | FPOs और मंडियों से कनेक्शन |
| रोजगार सृजन | खुद के लिए और दूसरों के लिए |
राधा देवी, उत्तर प्रदेश के एक छोटे गांव से हैं। उन्होंने NLM योजना के तहत 6 लाख रुपये में एक मुर्गी पालन यूनिट शुरू की। उन्हें 3 लाख का बैंक लोन मिला और ₹2 लाख की सब्सिडी योजना के तहत मिली। उन्होंने प्रशिक्षण लिया, मुर्गियों का सही टीकाकरण किया और अब हर महीने ₹30,000 से ₹40,000 तक की आमदनी कर रही हैं। आज वे न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी इस योजना से जोड़ रही हैं।
नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की आर्थिक उन्नति की दिशा में एक मजबूत कदम है। पोल्ट्री और हैचरी यूनिट्स जैसे छोटे उद्योगों को इसमें व्यापक सहायता मिलती है — पूंजी, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, और बाजार तक पहुंच। यदि आप भी कम लागत में एक लाभदायक और टिकाऊ व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो NLM आपके लिए एक सुनहरा अवसर है।
https://dahd.nic.in – पशुपालन विभाग की वेबसाइट
https://nlm.udyamimitra.in – ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल
जिला पशुपालन अधिकारी का कार्यालय – अपने जिले में योजना के बारे में जानने और सहायता के लिए संपर्क करें
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