बिहार SMAM योजना 2025–26 | 31 जनवरी तक आवेदन | कृषि यंत्र अनुदान
(जिला सूची, जमीन सीमा, पात्रता, अनुदान और आवेदन विवरण)
बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार द्वारा वर्ष 2025–26 के लिए सब्जी और मसाले की खेती को बढ़ावा देने हेतु कई योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना और आधुनिक खेती को प्रोत्साहित करना है।
सभी योजनाएं ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही हैं और लाभ DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए दिया जाता है।
हल्दी, अदरक और ओल जैसी मसाला फसलों का क्षेत्र विस्तार कर किसानों की आय में वृद्धि करना।
यह योजना चयनित जिलों में लागू की जाती है (हर वर्ष जिला सूची अधिसूचना के अनुसार तय होती है)।
न्यूनतम: 0.25 एकड़ (0.10 हेक्टेयर)
अधिकतम: 5 एकड़ (2 हेक्टेयर)
आवेदक बिहार का किसान हो
भूमि स्वामित्व प्रमाण या वैध एकरारनामा
DBT से जुड़ा बैंक खाता
किसान पंजीकरण अनिवार्य
बीज/रोपण सामग्री पर सरकार द्वारा निर्धारित दर से अनुदान
भुगतान DBT के माध्यम से
स्थिति: वर्तमान में आवेदन बंद (Apply Close)
खरीफ मौसम में प्याज उत्पादन बढ़ाकर बाजार में स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना।
बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गोपालगंज, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सीवान, वैशाली
न्यूनतम: 0.25 एकड़
अधिकतम: 5 एकड़
बिहार का निवासी किसान
भूमि दस्तावेज/एकरारनामा
DBT बैंक खाता
किसान पंजीकरण
बीज दर: 10 किग्रा प्रति हेक्टेयर
लागत का 75% तक अनुदान
भुगतान DBT in Cash
धनिया, जीरा, सौंफ जैसे बीज मसालों के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देना।
👉 बिहार के सभी 38 जिले
न्यूनतम: 0.25 एकड़
अधिकतम: 5 एकड़
भूमि स्वामित्व प्रमाण या एकरारनामा
किसान पंजीकरण
DBT बैंक खाता
बीज लागत पर निर्धारित प्रतिशत अनुदान
भुगतान DBT के माध्यम से
(PM राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत)
सब्जियों की बेल वाली खेती (लोकी, करेला, खीरा आदि) में आलान सिस्टम लगाकर उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाना।
👉 पूरे बिहार में
न्यूनतम: 1 इकाई (125 वर्गमीटर)
अधिकतम: 16 इकाई (2000 वर्गमीटर)
लागत: ₹4500 प्रति 125 वर्गमीटर
50% अनुदान DBT in Cash
भूमि स्वामित्व/एकरारनामा
DBT बैंक खाता
किसान पंजीकरण
हाइब्रिड एवं उन्नत किस्म की सब्जियों का उत्पादन बढ़ाना।
टमाटर, फूलगोभी, पत्ता गोभी, बैंगन, गाजर, मटर, कद्दू, तरबूज, खरबूज आदि
👉 पूरे बिहार में
बीज सब्सिडी: 0.25 से 2.5 एकड़
प्रति किसान सहायता: ₹1000 से ₹10,000
हाइब्रिड/OP बीज पर 75% तक अनुदान
प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए उपयुक्त Lady Rosetta आलू का उत्पादन बढ़ाना।
औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, गया, गोपालगंज, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, नालंदा, नवादा, पटना, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीवान, वैशाली
न्यूनतम: 0.25 एकड़
अधिकतम: 5 एकड़
भूमि दस्तावेज/एकरारनामा
DBT बैंक खाता
किसान पंजीकरण
(MIDH/PMKVY के अंतर्गत)
टमाटर, मिर्च और लहसुन की खेती को क्लस्टर मॉडल में विकसित करना।
अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, पूर्वी चंपारण, गया, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, शेखपुरा, वैशाली
न्यूनतम 3 किसान
प्रति किसान 0.1 से 2 हेक्टेयर
टमाटर/मिर्च: 50% अनुदान (DBT)
लहसुन: 60:40 अनुपात में दो किस्तों में
बिहार का निवासी किसान
किसान पंजीकरण अनिवार्य
भूमि स्वामित्व प्रमाण या वैध एकरारनामा
DBT से जुड़ा बैंक खाता
सब्जी एवं मसाले से संबंधित योजना 2025–26 क्या है?
यह उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का समूह है, जिसके तहत सब्जी, मसाला, प्याज, आलू और बीज मसालों की खेती पर किसानों को अनुदान दिया जाता है।
इन योजनाओं का लाभ कौन ले सकता है?
बिहार के स्थायी निवासी किसान, जिनके पास भूमि स्वामित्व प्रमाण या वैध एकरारनामा हो, किसान पंजीकरण और DBT से जुड़ा बैंक खाता हो।
क्या सभी योजनाएं पूरे बिहार में लागू हैं?
नहीं। कुछ योजनाएं पूरे बिहार में लागू हैं, जबकि कुछ योजनाएं चयनित जिलों में ही उपलब्ध हैं। जिला सूची योजना-वार अलग-अलग है।
न्यूनतम और अधिकतम जमीन सीमा कितनी है?
अधिकांश योजनाओं में न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ तक लाभ दिया जाता है। आलान योजना में इकाई (125 वर्गमीटर) के आधार पर लाभ मिलता है।
अनुदान (Subsidy) कितनी मिलती है?
योजना के अनुसार 50% से 75% तक अनुदान दिया जाता है। भुगतान DBT in Cash या DBT in Kind के माध्यम से किया जाता है।
क्या बटाईदार किसान आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, यदि उनके पास वैध एकरारनामा उपलब्ध है तो वे आवेदन कर सकते हैं।
अनुदान का भुगतान कैसे होता है?
सभी योजनाओं में भुगतान DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए CFMS सिस्टम से किया जाता है।
महिला किसानों को कोई विशेष लाभ है?
हाँ, प्रत्येक योजना में कम से कम 30% लाभ महिला किसानों को देने का प्रावधान है।
Bihar Vegetable and Spice Scheme 2025–26 क्या है?
यह बिहार सरकार की खेती प्रोत्साहन योजना है, जिसमें सब्जी और मसाले की खेती पर अनुदान दिया जाता है।
सब्जी एवं मसाले की योजना में कौन-कौन सी फसलें शामिल हैं?
प्याज, आलू (Lady Rosetta), हल्दी, अदरक, ओल, टमाटर, मिर्च, लहसुन और बीज मसाले शामिल हैं।
क्या खरीफ प्याज योजना सभी जिलों में लागू है?
नहीं, खरीफ प्याज योजना केवल चयनित 18 जिलों में लागू है।
सब्जी विकास योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
सब्जी बीज पर किसानों को 75% तक अनुदान दिया जाता है।
Lady Rosetta आलू योजना किसके लिए है?
यह योजना प्रोसेसिंग उद्योग के लिए उपयुक्त आलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए है और चयनित 17 जिलों में लागू है।
क्या एक किसान एक से ज्यादा योजनाओं में आवेदन कर सकता है?
हाँ, लेकिन एक ही फसल/उपघटक पर एक समय में एक ही योजना का लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन आवेदन कहां से करें?
आवेदन उद्यान निदेशालय, बिहार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से किया जाता है।
DBT के लिए बैंक खाता जरूरी है?
हाँ, DBT से जुड़ा बैंक खाता होना अनिवार्य है।
सब्जी एवं मसाले से संबंधित योजना 2025–26 बिहार सरकार की किसानों के लिए एक मजबूत और लाभकारी पहल है। अगर आप सब्जी, मसाला, प्याज या आलू की खेती करते हैं, तो यह योजनाएं आपकी आय बढ़ाने का सीधा अवसर देती हैं।
👉 सही योजना चुनें
👉 समय पर आवेदन करें
👉 सरकारी अनुदान का पूरा लाभ उठाएं
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