बिहार SMAM योजना 2025–26 | 31 जनवरी तक आवेदन | कृषि यंत्र अनुदान
बिहार मशरूम योजना 2025–26: किट, मशरूम हट
और उत्पादन इकाई पर अनुदान
Last Updated On 16 Jan 26
आज के समय में खेती सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रही। मशरूम उत्पादन एक ऐसी कृषि गतिविधि बन चुकी है, जिसमें कम जगह, कम समय और कम लागत में अच्छी आमदनी संभव है। इसी को ध्यान में रखते हुए उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार द्वारा वर्ष 2025–26 के लिए मशरूम से सम्बंधित कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराना है।
मशरूम एक प्रकार का फंगस (कवक) है, जो बिना मिट्टी के भी उगाया जा सकता है। यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
कम जगह में उत्पादन
कम पानी की आवश्यकता
30–45 दिनों में फसल
शाकाहारी एवं स्वास्थ्यवर्धक
बाजार में अच्छी मांग
इन्हीं कारणों से मशरूम को गरीब किसान की नकदी फसल भी कहा जाता है।
(मशरूम किट, मशरूम हट, कम्पोस्ट, स्पॉन एवं कम लागत उत्पादन इकाई)
इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराना है।
मशरूम एक प्रकार का फंगस (कवक) है, जो बिना मिट्टी के भी उगाया जा सकता है। यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
कम जगह में उत्पादन
कम पानी की आवश्यकता
30–45 दिनों में फसल
शाकाहारी एवं स्वास्थ्यवर्धक
बाजार में अच्छी मांग
इन्हीं कारणों से मशरूम को गरीब किसान की नकदी फसल भी कहा जाता है।
बिहार सरकार द्वारा मशरूम को बढ़ावा देने हेतु निम्नलिखित तीन प्रमुख योजनाएँ चलाई जा रही हैं:
यह योजना छोटे एवं मध्यम किसानों के लिए सबसे उपयोगी है।
किसानों को मशरूम किट उपलब्ध कराना
मशरूम हट (झोपड़ी) के माध्यम से व्यावसायिक उत्पादन
किसानों की आय में वृद्धि
इकाई लागत: ₹75 प्रति किट
अनुदान: 90% (₹67.50 प्रति किट)
किसान अंश: ₹7.50
न्यूनतम: 25 किट
अधिकतम: 100 किट
लागू क्षेत्र: बिहार के सभी जिले
इकाई लागत: ₹90 प्रति किट
अनुदान: 90% (₹81 प्रति किट)
न्यूनतम: 25 किट
अधिकतम: 100 किट
लागू क्षेत्र: बिहार के सभी जिले
इकाई लागत: ₹300 प्रति किट
अनुदान: 90% (₹270 प्रति किट)
न्यूनतम: 2 किट
अधिकतम: 10 किट
यह लाभ अन्य किट लेने वाले भी ले सकते हैं
इकाई लागत: ₹1,79,500
अनुदान: 50% (₹89,750)
क्षेत्रफल: 1500 वर्गफीट
अधिकतम: 1 झोपड़ी प्रति कृषक
निर्धारित Thatch House मॉडल में निर्माण
स्ट्रॉ, स्पॉन, पॉली बैग, टूल्स लेना अनिवार्य
जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा जाँच एवं प्रमाणन
भविष्य का रखरखाव लाभार्थी स्वयं करेगा
यह योजना उन किसानों एवं उद्यमियों के लिए है जो मशरूम के कच्चे माल का उत्पादन करना चाहते हैं।
स्पॉन (बीज) उत्पादन को बढ़ावा
कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना
मशरूम उत्पादन की पूरी श्रृंखला विकसित करना
इकाई लागत: ₹2,00,000
अनुदान: 50% (₹1,00,000)
निर्माण क्षेत्रफल: 200 वर्गफीट
अधिकतम: 5 इकाई प्रति लाभुक
लागू जिले: बिहार के 28 चयनित जिले
न्यूनतम 2 दिन का प्रशिक्षण
DBT पोर्टल पर पंजीकरण
प्रखंड उद्यान पदाधिकारी की अनुशंसा
बैंक खाता DBT से लिंक
यह योजना ग्रामीण युवाओं, स्वयं सहायता समूह एवं महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
कम पूंजी में शुरुआत
छोटे स्तर पर उत्पादन
स्थानीय बाजार में बिक्री
स्वरोजगार का अवसर
आवेदक बिहार का निवासी हो
किसान / महिला / युवा / SHG
DBT में पंजीकृत बैंक खाता
प्रशिक्षण (जहाँ आवश्यक)
योजना की शर्तों से सहमति
आधार कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक
पासपोर्ट साइज फोटो
प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि लागू)
भूमि / स्थान से संबंधित विवरण
| योजना | अनुदान |
|---|---|
| मशरूम किट | 90% |
| बकेट किट | 90% |
| मशरूम हट | 50% |
| कम्पोस्ट / स्पॉन यूनिट | 50% |
| कम लागत इकाई | 50% |
DBT पोर्टल पर पंजीकरण करें
उद्यान निदेशालय की वेबसाइट खोलें https://horticulture.bihar.gov.in/
“मशरूम से सम्बंधित योजना” चुनें
आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें
आवेदन सबमिट करें
विभागीय जाँच एवं सत्यापन
DBT के माध्यम से अनुदान भुगतान
पहले आओ, पहले पाओ
कोटिवार अनुपात: 78.537 : 20 : 1.463
30% महिला लाभार्थियों को प्राथमिकता
| योजना का नाम | इकाई लागत | अनुदान | लागू जिले |
|---|---|---|---|
| पैडी / ओयेस्टर मशरूम किट | ₹75 प्रति किट | 90% (₹67.50) | बिहार के सभी जिले |
| बटन मशरूम किट | ₹90 प्रति किट | 90% (₹81) | बिहार के सभी जिले |
| बकेट मशरूम किट | ₹300 प्रति किट | 90% (₹270) | बिहार के सभी जिले |
| मशरूम हट / झोपड़ी | ₹1,79,500 | 50% (₹89,750) | बिहार के सभी जिले |
| योजना का नाम | इकाई लागत | अनुदान | लागू जिले |
|---|---|---|---|
| पैडी / ओयेस्टर मशरूम किट | ₹75 प्रति किट | 90% (₹67.50) | बिहार के सभी जिले |
| बटन मशरूम किट | ₹90 प्रति किट | 90% (₹81) | बिहार के सभी जिले |
| बकेट मशरूम किट | ₹300 प्रति किट | 90% (₹270) | बिहार के सभी जिले |
| मशरूम हट / झोपड़ी | ₹1,79,500 | 50% (₹89,750) | बिहार के सभी जिले |
| जिला | इकाई लागत | अनुदान | अधिकतम इकाई |
|---|---|---|---|
| औरंगाबाद | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| बेगूसराय | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| भागलपुर | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| भोजपुर | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| बक्सर | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| दरभंगा | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| गया | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| पूर्वी चंपारण | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| जमुई | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| जहानाबाद | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| कैमूर | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| कटिहार | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| खगड़िया | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| किशनगंज | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| लखीसराय | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| मुजफ्फरपुर | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| नालंदा | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| नवादा | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| पटना | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| पूर्णिया | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| रोहतास | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| समस्तीपुर | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| सारण | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| शेखपुरा | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| सीतामढ़ी | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| सिवान | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| वैशाली | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
| पश्चिम चंपारण | ₹2,00,000 | 50% (₹1,00,000) | 5 |
उत्तर:
इस योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से तीन प्रकार की योजनाएँ शामिल हैं:
मशरूम किट एवं मशरूम हट (झोपड़ी) योजना
मशरूम उत्पादन / कम्पोस्ट / स्पॉन इकाई योजना
कम लागत पर मशरूम उत्पादन इकाई योजना
उत्तर:
इकाई लागत: ₹75 प्रति किट
सरकारी अनुदान: 90% (₹67.50 प्रति किट)
किसान अंश: ₹7.50 प्रति किट
न्यूनतम किट: 25
अधिकतम किट: 100
लागू क्षेत्र: बिहार के सभी जिले
उत्तर:
इकाई लागत: ₹90 प्रति किट
अनुदान: 90% (₹81 प्रति किट)
किसान अंश: ₹9 प्रति किट
न्यूनतम किट: 25
अधिकतम किट: 100
लागू जिले: बिहार के सभी जिले
उत्तर:
इकाई लागत: ₹300 प्रति किट
अनुदान: 90% (₹270 प्रति किट)
किसान अंश: ₹30 प्रति किट
न्यूनतम किट: 2
अधिकतम किट: 10
👉 यह योजना उन किसानों के लिए भी उपलब्ध है जिन्होंने पहले पैडी/ओयेस्टर या बटन मशरूम किट ली हो।
उत्तर:
कुल इकाई लागत: ₹1,79,500
सरकारी अनुदान: 50% (₹89,750)
किसान अंश: ₹89,750
क्षेत्रफल: 1500 वर्गफीट
अधिकतम लाभ: 1 झोपड़ी प्रति कृषक
लागू क्षेत्र: बिहार के सभी जिले
उत्तर:
निर्धारित Thatch House मॉडल में निर्माण
स्ट्रॉ, स्पॉन, पॉली बैग, टूल्स लेना अनिवार्य
तकनीकी स्वीकृति (Annexure-4)
जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा कार्य प्रमाणन (Annexure-3)
भविष्य का रखरखाव लाभार्थी स्वयं करेगा
उत्तर:
इकाई लागत: ₹2,00,000
सरकारी अनुदान: 50% (₹1,00,000)
किसान अंश: ₹1,00,000
निर्माण क्षेत्रफल: 200 वर्गफीट
अधिकतम लाभ: 5 इकाई प्रति लाभुक
उत्तर:
यह योजना बिहार के 28 जिलों में लागू है, जिनमें प्रमुख जिले हैं:
औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, दरभंगा, गया, पूर्वी चंपारण, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, वैशाली और पश्चिम चंपारण।
उत्तर:
यह योजना विशेष रूप से:
ग्रामीण युवाओं
महिलाओं
स्वयं सहायता समूह (SHG)
छोटे किसानों
के लिए बनाई गई है, ताकि वे कम पूंजी में स्वरोजगार शुरू कर सकें।
उत्तर:
आवेदक बिहार का निवासी होना चाहिए
किसान / महिला / युवा / SHG
DBT से लिंक बैंक खाता अनिवार्य
जहाँ आवश्यक हो वहाँ प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
योजना की शर्तों से सहमति
उत्तर:
आधार कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक
पासपोर्ट साइज फोटो
प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि लागू)
भूमि या स्थान से संबंधित विवरण
उत्तर:
हाँ। सभी योजनाओं में अनुदान राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
उत्तर:
चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर
कोटिवार अनुपात: 78.537 : 20.00 : 1.463
सभी वर्गों में 30% महिला लाभार्थियों को प्राथमिकता
उत्तर:
हाँ। पात्रता और दिशा-निर्देशों के अनुसार किसान:
पहले मशरूम किट
बाद में बकेट किट
और पात्र होने पर मशरूम हट या उत्पादन इकाई
का लाभ ले सकता है।
उत्तर:
यह योजना उन लोगों के लिए सबसे अधिक लाभकारी है जो:
कम जमीन रखते हैं
कम पूंजी में व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं
तेजी से आय चाहते हैं
स्वरोजगार या अतिरिक्त आय का स्रोत ढूंढ रहे हैं
मशरूम से सम्बंधित योजनाएँ 2025–26 बिहार के किसानों और युवाओं के लिए कम जोखिम में अधिक लाभ का अवसर हैं। चाहे आप शुरुआत करना चाहते हों या व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन, ये योजनाएँ हर वर्ग के लिए उपयोगी हैं।
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