बिहार SMAM योजना 2025–26 | 31 जनवरी तक आवेदन | कृषि यंत्र अनुदान

(Scheme Sarthi Special – Deep Guide)
भारत की खेती आज एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। जहाँ पहले खेती पूरी तरह मेहनत और मजदूरी पर निर्भर थी, वहीं अब मशीनों और तकनीक के बिना खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। मजदूरों की कमी, बढ़ती लागत और समय की समस्या ने किसानों को मजबूर किया कि वे आधुनिक कृषि यंत्रों की ओर बढ़ें।
लेकिन समस्या यह है कि ट्रैक्टर, पावर टिलर, रीपर, थ्रेसर, ड्रिप या स्प्रिंकलर जैसे यंत्र महंगे होते हैं। इसी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने शुरू की है कृषि यंत्र अनुदान योजना, जिसके तहत किसानों को मशीन खरीदने पर 40% से 80% तक सब्सिडी दी जाती है।
यह ब्लॉग कृषि यंत्र अनुदान योजना 2026 पर एक पूरा, आसान और भरोसेमंद गाइड है—जिसमें लाभ, पात्रता, सब्सिडी दर, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और आम समस्याओं का समाधान शामिल है।
कृषि यंत्र अनुदान योजना केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि मशीनें सस्ती दर पर उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत किसान जब कोई कृषि यंत्र खरीदता है, तो उसकी कीमत का एक बड़ा हिस्सा सरकार सब्सिडी के रूप में देती है और किसान को केवल बाकी राशि चुकानी होती है।
सरल शब्दों में—
कम कीमत में आधुनिक मशीन = कम मेहनत + कम लागत + ज्यादा उत्पादन
खेती को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाना
किसानों की लागत कम करना
समय पर खेती के सभी काम पूरे कराना
मजदूरों पर निर्भरता कम करना
उत्पादन और आय दोनों बढ़ाना

राज्य के अनुसार सूची थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य तौर पर इन यंत्रों पर सब्सिडी मिलती है:
ट्रैक्टर
पावर टिलर
रोटावेटर
कल्टीवेटर
थ्रेसर
रीपर
सीड ड्रिल
मल्टी क्रॉप प्लांटर
ड्रिप इरिगेशन सिस्टम
स्प्रिंकलर सिस्टम
सोलर पंप
पाइपलाइन सिस्टम
जीरो टिलेज मशीन
हैप्पी सीडर
स्ट्रॉ रीपर
स्प्रे मशीन
सब्सिडी की दर राज्य, किसान की श्रेणी और यंत्र के प्रकार पर निर्भर करती है।
| किसान श्रेणी | सब्सिडी |
|---|---|
| सामान्य किसान | 40% – 50% |
| SC / ST किसान | 50% – 80% |
| महिला किसान | 50% – 80% |
| FPO / SHG | 60% – 80% |
नोट: कई राज्यों में अधिकतम सब्सिडी की एक सीमा तय होती है।

भारत का नागरिक किसान
राज्य का स्थायी निवासी
कृषि भूमि किसान के नाम हो
पहले उसी यंत्र पर सब्सिडी न ली हो
आधार और बैंक खाता लिंक हो
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
भूमि रिकॉर्ड / किसान प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाएँ
कृषि यंत्र अनुदान योजना चुनें
रजिस्ट्रेशन करें
यंत्र का चयन करें
दस्तावेज अपलोड करें
आवेदन सबमिट करें
नजदीकी CSC केंद्र या कृषि कार्यालय जाएँ
दस्तावेज दें
आवेदन रसीद जरूर लें
आवेदन की जांच
पात्रता सत्यापन
स्वीकृति पत्र जारी
किसान द्वारा यंत्र की खरीद
बिल और फोटो अपलोड
सब्सिडी राशि सीधे बैंक खाते में
कारण: दस्तावेज गलत या बिल अपलोड नहीं
समाधान: कृषि कार्यालय से संपर्क करें
कारण: पहले सब्सिडी ली जा चुकी
समाधान: अन्य यंत्र के लिए आवेदन करें
कारण: बजट या सत्यापन लंबित
समाधान: स्थिति ऑनलाइन चेक करें
मजदूरों की भारी कमी
खेती में समय की कीमत बढ़ी
आधुनिक मशीनों से लागत कम
जल और ऊर्जा की बचत
उत्पादन और मुनाफा दोनों में बढ़ोतरी
आज की खेती मशीन के बिना अधूरी है।
योजना की जानकारी पहले पूरी लें
सिर्फ़ सरकारी पोर्टल / CSC से आवेदन करें
बिल और रसीद संभालकर रखें
किसी एजेंट को पैसे न दें
राज्य की सब्सिडी सूची जरूर देखें
उत्तर:
यह सरकार की योजना है, जिसके तहत किसानों को ट्रैक्टर, पावर टिलर, थ्रेसर, रीपर, ड्रिप-स्प्रिंकलर जैसे कृषि यंत्र खरीदने पर 40% से 80% तक सब्सिडी दी जाती है।
उत्तर:
खेती को आधुनिक बनाना, किसानों की लागत कम करना, मजदूरों पर निर्भरता घटाना और उत्पादन बढ़ाना।
उत्तर:
ट्रैक्टर, पावर टिलर
रोटावेटर, कल्टीवेटर
थ्रेसर, रीपर
सीड ड्रिल, मल्टी क्रॉप प्लांटर
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम
सोलर पंप (कुछ राज्यों में)
उत्तर:
सामान्य किसान: 40%–50%
SC/ST/महिला किसान: 50%–80%
FPO/SHG: 60%–80%
(दर राज्य और यंत्र के अनुसार बदल सकती है)
उत्तर:
भारत का किसान
राज्य का स्थायी निवासी
किसान के नाम कृषि भूमि हो
आधार और बैंक खाता लिंक हो
उसी यंत्र पर पहले सब्सिडी न ली हो
उत्तर:
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
भूमि रिकॉर्ड / किसान प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
उत्तर:
राज्य कृषि विभाग की ऑनलाइन वेबसाइट से
CSC / वसुधा केंद्र से
या जिला कृषि कार्यालय से
उत्तर:
आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसान यंत्र खरीदता है
बिल और फोटो अपलोड करता है
सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है
उत्तर:
नहीं।
अधिकतर राज्यों में पहले स्वीकृति पत्र लेना जरूरी होता है, फिर मशीन खरीदनी होती है।
उत्तर:
हाँ, लेकिन एक ही यंत्र पर दोबारा सब्सिडी नहीं मिलती और राज्य द्वारा तय सीमा लागू होती है।
उत्तर:
दस्तावेज अधूरे
गलत जानकारी
पहले उसी यंत्र पर सब्सिडी ली गई
भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी
उत्तर:
आमतौर पर 30–90 दिन के भीतर, लेकिन राज्य और बजट के अनुसार समय बदल सकता है।
उत्तर:
हाँ।
कुछ राज्यों में Custom Hiring Center या FPO के तहत विशेष सब्सिडी मिलती है।
उत्तर:
हाँ, लेकिन सीमित बजट के कारण यह “पहले आओ-पहले पाओ” आधार पर होती है।
उत्तर:
जिला कृषि कार्यालय
राज्य कृषि विभाग का हेल्पडेस्क
CSC केंद्र
कृषि यंत्र अनुदान योजना
किसानों के लिए
✔ कम लागत
✔ कम मेहनत
✔ ज्यादा उत्पादन
✔ आधुनिक खेती
का रास्ता खोलती है।
अगर आप किसान हैं और अब भी पुराने तरीकों से खेती कर रहे हैं,
तो यह योजना आपके लिए खेती बदलने का मौका है।
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